
सोचिए! क्या होगा अगर पृथ्वी पर मौजूद सारी बर्फ एक ही रात में पिघल जाए? क्या सारी धरती पानी में डूब जायेगी? क्या इसका हमारे जीवन पर कोई बुरा असर पड़ेगा? आइए जानते हैं.

पृथ्वी के करीब 80 लाख वर्ग मील क्षेत्रफल पर बर्फ फैली हुई है. इसके रातोंरात पिघल जाने पर वैश्विक समुद्र का स्तर लगभग 230 फीट बढ़ जाएगा. जिसके फलस्वरूप सभी सात महाद्वीप आंशिक रूप से पानी में डूब जाएंगे.
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वैसे तो पृथ्वी पर मौजूद बर्फ रातोंरात नहीं पिघल सकती, लेकिन अगर हम पर्यावरण के साथ बुरा-बर्ताव करना बंद नहीं करेंगे तो इस बर्फ के पिघलने की दर बढ़ेगी और वह दिन दूर नहीं जब पूरी पृथ्वी पानी में समा जाएगी.

समुद्र के जलस्तर में वृद्धि से समुद्री धाराओं में भी परिवर्तन होगा, जिससे रेगिस्तानी क्षेत्रों में भारी वर्षा और भारी बारिश वाले क्षेत्रों में सूखा पड़ जायेगा. इससे कृषि पर काफी बुरा प्रभाव पड़ेगा और वैश्विक अकाल की स्थिति बनेगी.
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भारी बारिश से आने वाली बाढ़ और भारी चक्रवात हमारे जीवन को अस्त-व्यस्त कर के रख देंगे, जिससे मानव जाति के इस पृथ्वी पर से अस्तित्व के समाप्त होने की आशंका रहेगी.
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पिघली हुई बर्फ कार्बन-डाई ऑक्साइड (CO2) गैस छोड़ेगी, जिससे वातावरण में ऑक्सीजन (O2) की मात्रा कम होने लगेगी और जीव-जंतुओं के लिए सांस लेना मुश्किल हो जायेगा.
NOTE – This article was originally published in abplive and can be viewed here
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