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अब तक 788 लाख हेक्टेयर में हुई बोनी

नई दिल्ली। इस वर्ष देश में मानसून की देरी के कारण तथा कई राज्यों में देर से सक्रिय होने से खरीफ की बोनी पिछड़ गई है। अब तक 788.52 लाख हेक्टेयर में बोनी हुई है जबकि गत वर्ष इस अवधि में 833.15 लाख हेक्टेयर में बोनी हो गई थी। वहीं नगदी फसल कपास के रकबे में बढ़ोत्तरी हुई है तथा सोयाबीन एवं मक्के का रकबा भी बढ़ा है, परन्तु धान एवं मोटे अनाज के रकबे में कमी आई है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने अगस्त-सितम्बर में मानसून सामान्य रहने का अनुमान जताया है जो किसानों के लिए राहत भरी खबर है। क्योंकि जून में मानसून सामान्य से 33 फीसदी कम रहा था तथा जुलाई के दूसरे पखवाड़े में यह सक्रिय हुआ था।

कृषि मंत्रालय के मुताबिक देश में खरीफ फसलों का सामान्य क्षेत्र 1063.61 लाख हेक्टेयर है इसके विरुद्ध अब तक (2 अगस्त) 788.52 लाख हेक्टेयर में बोनी हो गई है जबकि गत वर्ष इस समय तक 833.15 लाख हेक्टेयर में बोनी हो गई थी। कुल बुवाई में लगभग 45 लाख हेक्टेयर की कमी बनी हुई है। प्रमुख फसल धान की बोनी 223.53 लाख हेक्टेयर में हुई है जबकि गत वर्ष इस अवधि में 266.20 लाख हे. में बोनी हो गई थी। वहीं मोटे अनाजों के रकबे में भी कमी आयी है। चालू खरीफ में मोटे अनाजों की कुल बोनी अब तक 136.17 लाख हेक्टेयर में हुई है जबकि गत वर्ष इस अवधि में 146.42 लाख हेक्टेयर में बुवाई हो गई थी। इस प्रकार लगभग 10 लाख हेक्टेयर की कमी बनी हुई है।

कपास

हालांकि नगदी फसल कपास का रकबा बढ़ा है। देश में इसका सामान्य क्षेत्र 120.93 लाख हेक्टेयर है इसके विरुद्ध अब तक 115.15 लाख हेक्टेयर में बोनी हो चुकी है जबकि गत वर्ष इस समय तक 107.71 लाख हेक्टेयर में बोनी हुई थी। इस वर्ष 7.44 लाख हेक्टेयर रकबा बढ़ा है। अब तक 115.15 लाख हेक्टेयर में से 107.11 लाख हेक्टेयर में बी.टी. काटन एवं 8 लाख हेक्टेयर में सामान्य कपास की बोनी की गई है।

देश में खरीफ बुवाई 2 अगस्त तक (लाख हेक्टेयर में)
फसल सामान्य क्षेत्र गत वर्ष अब तक बुवाई 2019
चावल 396.25 266.2 223.53
दलहन 119.89 102.88 105.14
मोटे अनाज 188.39 146.42 136.17
तिलहन 181.96 154.83 149.41
गन्ना 48.32 47.74 52.3

सोयाबीन

देश में सोयाबीन की बोनी अब तक 107.29 लाख हेक्टेयर में की गई है जबकि गत वर्ष इस समय तक सोयाबीन 105.31 लाख हेक्टेयर में ली गई थी। देश में इसका सामान्य क्षेत्र 111.49 लाख हे. है। गत वर्ष की तुलना में इसका रकबा लगभग 2 लाख हेक्टेयर अधिक है। इसके और बढऩे की संभावना है क्योंकि सोयाबीन उत्पादक प्रमुख राज्य म.प्र. में इसकी बुवाई तेजी से चल रही है। साथ ही सोयाबीन महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़ एवं तेलंगाना में भी ली जाती है।

मक्का

मक्के पर फॉल आर्मी वर्म का खतरा मंडराने के बावजूद चालू खरीफ में इसका रकबा बढ़ा है। अब तक 69.27 लाख हे. में मक्का बोया गया है जबकि गत वर्ष इस समय तक 66.93 लाख हेक्टेयर में इसकी बोनी हुई थी। वैसे देश में मक्का का सामान्य क्षेत्र 74.68 लाख हेक्टेयर है।

मोटे अनाजों में ज्वार, बाजरा एवं रागी फसलों का रकबा घटा है। अब तक ज्वार 12.41, बाजरा 49.16 एवं रागी 2.99 लाख हेक्टेयर में ली गई है जबकि गत वर्ष इस समय तक ज्वार 15.40, बाजरा 57.48 एवं रागी 4.15 लाख हेक्टेयर में बोई गई थी।

हाल ही में मौसम विभाग ने अगस्त-सितम्बर में मानसून सामान्य रहने का अनुमान जताया है। जून में 33 फीसदी की कमी तथा लम्बे अंतराल ने किसानों की चिंता बढ़ा दी थी। जुलाई के दूसरे पखवाड़े में मानसून पूरे देश में फैल गया है इसे देखते हुए मौसम विभाग ने कहा है कि अगले दो महीनों के दौरान बारिश दीर्घावधि औसत (एलपीए) का शत-प्रतिशत रह सकती है।

प्रमुख राज्यों में कपास की बुवाई स्थिति वर्ष  (लाख हेक्टेयर में)
राज्य सामान्य क्षेत्र बीटी नान बीटी कुल
तेलंगाना 17 16.45 0.33 16.78
गुजरात 24.04 21.38 2.37 23.76
हरियाणा 6.06 6.69 0.06 6.76
कर्नाटक 6.47 3.73 0.07 3.81
मध्य प्रदेश 5.65 5.79 0.3 6.1
महाराष्ट्र 41.48 39.88 2.09 41.98
राजस्थान 4.76 5.4 0.95 6.36
प्रमुख राज्यों में सोयाबीन की बुवाई स्थिति वर्ष (लाख हेक्टेयर में)
राज्य सामान्य क्षेत्र 2019 2018
तेलंगाना 2.31 1.67 1.76
छत्तीसगढ़ 1.06 0.65 1.28
मध्य प्रदेश 56.4 54.77 53.18
महाराष्ट्र 36.79 35.02 37.48
राजस्थान 10.49 10.44 10.34
प्रमुख राज्यों में मक्का की बुवाई स्थिति (लाख हेक्टेयर में)
राज्य सामान्य क्षेत्र 2019 2018
छत्तीसगढ़ 1.2 1.83 2.1
कर्नाटक 11.99 8.89 10.06
मध्य प्रदेश 11.36 15.01 13.12
महाराष्ट्र 7.57 7.41 7.23
राजस्थान 8.9 8.61 8.56
उत्तर प्रदेश 6.67 7.01 6.78
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