लौकी के औषधीय गुण 1

भारत मे लौकी या घीया घर की मुख्य सब्जियों में से एक माना जाता है।लौकी में पचासों औषधीय गुण
पाया जाता है।इसमें संतृप्त वसा व कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बहुत कम होता है और इसमें मौजूद जिंक,
फाइबर,लौह यानी आयरन, विटामिन सी, मैग्नेशियम व मैगनीज की मात्रा ज्यादा होने से कई प्रकार की
बीमारियों से निजाद दिलाने में लौकी लाभप्रद है।
पिछले कुछ वर्षों में भारत मे लौकी का उपयोग काफी बढ़ा है । लोग इसे सब्जियों के तौर पर कम बल्कि
निरोग रहने के लिए कुछ ज्यादा ही इस्तेमाल करने लगे है।

लौकी आम तौर पर 2 प्रकार का होता है- गोलाकार व बेलनाकार । दोनों ही तरह की लौकी फायदेमंद
है।लौकी का जूस तो विटामिन सी,विटामिन बी,सोडियम व आयरन की कमी को दूर करता है। लौकी का
जूस लोग मोटापा कम करने के लिए भी करते है।

लौकी को भोजन में शामिल करने से हानिकारक कोलेस्ट्रॉल धीरे धीरे कम होने लगता है जिसका एक
फायदा यह है कि हृदय रोग नही होता।
कई लोग लौकी का जूस डायबिटिज को कंट्रोल में रखने के लिए भी करते है तो कई लोग मूत्र संबंधी
विकार अर्थात यूरिनरी डिसऑर्डर को दूर करने के लिए भी करते है।लौकी शरीर मे सोडियम की अधिकता
को दूर करता है, सोडियम यूरिन के जरिये शरीर से बाहर निकल जाता है।

लेकिन लौकी के जूस का प्रयोग करते वक्त इस बात का ध्यान रखना आवश्यक है कि उसका टेस्ट
कड़वा न हो।कड़वा जूस में टेट्रासाइक्लिन होता है जो आपको डिहाइड्रेशन, जी मचलाना, एसिडिटी जैसी
समस्या का शिकार बना सकता है।

शरीर के त्वचा को भी लौकी चमक बनाये रखता है।महिलाओं में लौकी का सेवन त्वचा की निखार के
लिए भी करते देखा गया है।

मीठी लौकी प्रकृति से मधुर,ठंडे तासिर की,शीत प्रकृति वाली होती है जो कफ,वात, पित्त को दूर करता है।
इसका साग कृमिनाशक होता है।

कई आयुर्वेद के चिकित्सकों को लौकी का उपयोग गंजेपन की बीमारी को दूर करने के भी करते देखा
गया है ।लौकी के पत्ते के रस को सिर पर लगाने से सिर पर बाल आने की बात वो करते है।
कई प्राकृतिक चिकित्सक दांतो के कीड़ा या कैविटी की समस्या को दूर करने के लिए लौकी का इस्तेमाल
करने को कहते है । लौकी के जड़ के चूर्ण से मंजन करने दांत के कीड़े का दर्द कम होता है ,कैविटी की
समस्या कम होती है।और तो और, कब्ज की समस्या हो तो लौकी के सेवन से फायदा मिलता है, लौकी के
जड़ का रस पेट के अल्सर को कम करता है।

पीलिया यानी जॉन्डिस होने पर कड़वी लौकी के पत्ते के काढ़े में शर्करा मिलाकर पीने से लाभ मिलता है।
यही नही , मधुमेह, गठिया, श्वेत प्रदर,आमवात, पैर में जलन, एड़ियों के फटने जैसी समस्याओं में भी
लौकी का प्रयोग रामवाण है लेकिन किसी चिकित्सक की सलाह पर ही लेना चाहिए।

  • राजा तालुकदार
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